मंगलवार, 12 अगस्त 2008

हाँ वो नेस्बी है.. आँखो को सुकून देने वाली

- मम्मा देखो ना इसने मेरी शर्ट का बटन तोड़ दिया..
- मम्मा इस ने बोला तुझमे हिम्मत नही है.. तू तो लड़की है..
- और नही तो क्या लड़की ही तो है. कुछ कर तो सकती नही..
- हुन्ह.. जा मैं नही बात करती तुझसे..

(शाम को)

- बबली...
- क्या है..
- इस शर्ट पे बटन लगा दे ना..
- क्यो मैं तो लड़की हू ना मैं कैसे लगाऊ.. तू खुद लगा ले तू तो लड़का है..
- अच्छा बाबा सॉरी.. अब नही कहूँगा.. लगा दे ना बटन
- चल ला दे, लगाती हू.. पर दोबारा बोला ना तो देख लेना
- ये हुई ना बात.. मेरी अच्छी बहना..





- क्या हुआ.. परेशान क्यो है इतना
- कुछ नही बस यूही..
- नीना से फिर लड़ाई कर ली?
- कहा ना कुछ नही बस यूही..
- झूठ मत बोल.. दोस्त हू तेरी सब जानती हू..
- क्यो परेशान कर रही है..
- परेशान तो तू कर रहा है खुद को.. पहले लड़ाई करता है फिर बैठके रोता है.. ये ले नीना ने भेजा है तेरे लिए..
- क्या ?? नीना ने! क्या है?
- हा हा देखा कैसे उछाल पड़ा नीना का नाम सुनते ही..
- शाम को ही उसको तेरी तरफ से सॉरी बोल के आई हू.. अब ये ले फूल और उसकी तरफ से भी सॉरी
- थॅंक्स अंजली! तू ही मेरी सबसे अच्छी दोस्त है..







- अरे कहा लेकर जा रही हो मुझे?
- चुप बोला ना बस आँखे बंद करके चलते रहो
- अरे पर और कितना चलना है.. मैं आँखे खोल रहा हू
- बोला ना नही जब तक मैं नही बोलू आँखे मत खोलना
- अच्छा बाबा! पर जल्दी करो
- हा अब खोलो..

- वाउ मेरी पैंटिंग.. तुमने बनाई?
- तो और किसने बनाई बुद्धू राम..
- हाउ स्वीट.. थॅंक यू सोना..






टिंग टॉंग
- आ गये आप
- तुम पहली घंटी में ही दरवाजा कैसे खोल देती हो हमेशा..
- हाय राम! ये क्या हुआ? पाँव में चोट कैसे लगी
- कुछ नही रास्ते में पत्थर पड़ा था नज़र नही गयी.. बस
- क्या बस! इतनी चोट लगी है.. ठहरो मैं डीटॉल लगा देती हू.. आप तो ज़रा सा भी ध्यान नही रखते अपना
- तुम जो रखती हो ना.. फिर मैं क्यो रखू..
- बस बाते बनानी आती है, चलिए मुँह हाथ धो लीजिए.. तब तक हम लाते है आपके लिए अदरक वाली चाय

- अच्छा सुनो.. आज तुम बहुत अच्छी लग रही हो..
- चलो हटो! बदमाश कहीं के





- सुनो जी
- क्या हुआ? रात के बारह बज रहे है.. तुम अभी तक सोई नही
- नींद नही आ रही है..
- क्यो क्या हुआ..
- आज अपने रोहन का होस्टल में पहला दिन है.. आज तक कभी मेरी आँखो से दूर रहा नही है.. उसका मन तो लग जाएगा ना..
- क्यो फ़िक्र करती हो.. वो अब बड़ा हो गया है.. अपना ख्याल रख लेगा..
- खाना तो अच्छा मिलेगा ना उसको..
- हा बाबा सब मिलेगा.. अब सो जाओ..

- अच्छा सुनो इस रविवार को हम उस से मिलने चले क्या..






- बिटिया रानी, इधर आओ
- क्या हुआ दादी
- यहा आओ बिटिया आपको कुछ दिखाना है
- ओफ्फो बताओ ना दादी क्या हुआ..
- हुआ ये की हमने अपनी बिटिया के मदद से जो ब्लॉग बनाया था.. उस पर कितने सारे कॉमेंट्स आए
- सच दादी! अरे वाह अब तो मैं अपनी सारी फ्रेंड्स को बताउंगी.. की मेरी दादी भी ब्लॉगर है
- हा इसीलिए तो ब्लॉग बनाई है ना तूने?
- नही दादी.. आप खाली टाइम में बोर नही हो जाओ ना इसलिए बनाई है..
- जुग जुग जियो बिटिया.. जुग जुग जियो..







हा मम्मा, मैं ठीक हू आप चिंता मत करो.. बस पापा का ख्याल रखना.. उनको बोलना की ज़्यादा टेन्षन नही ले.. उनकी गुड़िया जल्द ही आई पी एस बनके आने वाली है































हाँ वो नेस्बी है.. आँखो को सुकून देने वाली

23 टिप्पणियाँ:

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

हाँ वो नेस्बी है ...बहुत ही बेहतरीन ब्लॉग की शुरुआत की है यह ..इसकी एक एक तस्वीर एक एक लफ्ज़ अपने नाम की तरह ही खुबसूरत है ..बहुत बहुत शुभकामनाये हैं मेरी इस सुंदर सफर के लिए ...

नीला आसमान ने कहा…

It is wonderful...the way it has excuted its mind blowing..

Kush at his best!!
Wish u all the best!
Love!

Nitish Raj ने कहा…

खूबसूरत आगाज, सुंदर अंदाज वाह क्या कहने।

Tarun ने कहा…

baat aur relationship ko samjhane ka Bahut khoobsurat Andaz

Udan Tashtari ने कहा…

बहुत बढ़िया और खुबसूरत शुरुवात हुई है, बधाई एवं शुभकामनाऐं.

अनूप शुक्ल ने कहा…

बहुत अच्छा लगा इसे पढ़कर। शुक्रिया। जारी रखें।

अनूप शुक्ल ने कहा…

बहुत अच्छा लगा इसे पढ़कर। शुक्रिया। जारी रखें।

Lavanyam - Antarman ने कहा…

"नेस्बी " का ये नया स्वरुप बहुत मन से बनाया है आपने कुश जी ..

तस्वीरेँ तो एक से बढकर एक, अँतराष्ट्रीय स्तर की हैँ :-)

बेहद अच्छा प्रयास ..
आगे का इँतज़ार रहेगा ~~
- लावण्या

meeta ने कहा…

ye jab mail mein tha .....tab pura aise hi tadrashy hota tha..... :) ....good going dear.....

Parul ने कहा…

dil khush hua ..bahut sundar shuruaat..sumaan banaye rakhiye..shubhkaamnay

पंगेबाज ने कहा…

अच्छा प्रयोग , बह्त अच्छा दिखाई दे रहा है ये ब्लोग. बधाई हो जी.
अच्छी शुरुआत ,बस अनूप जी की बातो पर ध्यान ना दे , कुछ दिन पहले मुझे भाभीजी ने बताया था कि घर मे चोर घुसे हुये थे, अनूप जी ने उन्हे अलमारी खाली करते देखा "शुक्रिया ,जारी रखे",:)

Saee_K ने कहा…

bahut khoobsoorat manch..bahut hi sukkooon dene waali...
aur ye lafz..alag..aur badhiya..

aagazh ke liye badhai..

poora sahyog aur saari shubhkaamnaye aapke saath...

अनुराग ने कहा…

नेस्बी मन को भा गयी है.....एक खुशबु है ताजगी की......

डा. अमर कुमार ने कहा…

.


Kush, you are always original.
Its simply great and.. ..
I am awed, naturally !
Congrats .

swati ने कहा…

जितना खूबसूरत अहसास उतना ही खूबसूरत चित्र है.....

अशोक पाण्डेय ने कहा…

अद्भुत। मेरे पास शब्‍द नहीं हैं इससे अधिक कुछ कहने के लिए। किसी मशहूर विज्ञापन एजेंसी का नामी-गिरामी कॉपीराइटर भी इससे बेहतर नहीं कर सकता।

मीनाक्षी ने कहा…

बहुत खूबसूरत भाव... चित्र भी बहुत कुछ कहते हुए से.. इस नए सुन्दर ब्लॉग में जीवन के सुन्दर पक्ष को उजागर करते रहिए...उसके शुभकामनाएँ ....

Ankit ने कहा…

Realy its very Good Idea to Start Such A Communtiy Blog.
And its very amazing Startup.
Good Design and very Good Moto ( I am unable to express with my words) and Good Writers.
I thanks to that person who has created it.
Ankit
http://hi.pratham.net

 

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